स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल ,नही मिलती सदर अस्पताल में मरीजो को पर्याप्त दवाईयां किया , भेजा जाता है प्राईवेट दवा दुकान।

गोपालगंज। जिले के गोपालगंज सदर अस्पताल में मरीजो को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां नही मिलती जिसके कारण मरीजो को प्राइवेट दवा दुकानों से महंगे दामो पर दवा खरीदना पड़ता है। डॉक्टर द्वारा अगर चार दवा लिखी जाती है. तो मरीजो को महज एक ही दवा मिलती है.दरअसल मॉडल सदर अस्पताल में सिर्फ दुआ ही मरीजों के काम आती है क्योंकि यहां न समय पर डॉक्टर मिलते है. न ही दवा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है. कि मरीजों को मामूली दवा भी बाहर से खरीदकर लानी होती है। गरीब मरीज महंगी दवाएं प्राइवेट दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर हैं।. सुबह से सुदूर इलाके से पहुंचे मरीजों को डॉक्टर से दिखाने के बाद दोपहर के एक बजे तक कतार में लगने के बाद दवा नहीं मिलती मरीजों का कहना है. कि टाइफाइड बुखार का सीजन चल रहा है लेकिन यहां बच्चों की बुखार की दवा भी अस्पताल में नहीं मिल रही है। किसी मरीज को डॉक्टर द्वारा लिखी गयी चार दवा में एक मिली तो किसी को पांच दवा में दो मिल रही है बता दे कि नियम के अनुसार सदर अस्पताल को ओपीडी के लिए अपने स्टॉक में कम से कम 71 तरह की दवा रखनी है. लेकिन अस्पताल में मात्र 30 से 35 तरह की ही दवा उपलब्ध है. यह हाल सिर्फ सदर अस्पताल का नहीं है बल्कि जिले के चौदह प्रखंडों के अस्पताल का यही हाल है। ऐसे में जरूरी दवाओं की खरीदारी लोगों को बाहर के दुकानों से करनी पड़ रही है.

रिपोर्ट:- मनन अहमद गोपालगंज 

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