सामाजिक न्याय आंदोलन बिहार की ओर से जारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अली अनवर अंसारी ,

भागलपुर:- जिले के नवगछिया – रेलवे स्टेशन अतिथि कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन से जारी, महंगाई बेलगाम है, बेरोजगारी विस्फोटक है, अर्थव्यवस्था आईसीयू में पहुंच रही है. अंबानी-अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए निजीकरण की रेल तेज रफ्तार चल रही है. सामाजिक न्याय पर हमला तेज है. इसके साथ ही, समाज को बांटने की मुहिम चल रही है, ताकि सरकार विरोधी गुस्से को भटकाया जा सके. ये बातें पूर्व सांसद और ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अली अनवर अंसारी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने कहा कि इस विकट परिदृश्य में विपक्षी राजनीति भी कारगर नहीं हो पा रही है.समाज के हाशिए के लोगों में गुस्सा है,बेचैनी है.इस स्थिति में समाज के भीतर से नये सिरे से संघर्ष की शक्तियों को खड़ा करना होगा.इसी मुहिम में पिछले 7 मई को पटना में सामाजिक न्याय आंदोलन(बिहार) के बैनर तले विशाल बहुजन दावेदारी सम्मेलन आयोजित हुआ है.अब हम पूरे बिहार में सितंबर तक जिला व क्षेत्रीय स्तर पर 50 सम्मेलन करने की दिशा में बढ़ रहे हैं.12 जून को बिहपुर में विशाल बहुजन दावेदारी सम्मेलन होगा. संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि जातिवार जनगणना जरूरी है.भाजपा इसके खिलाफ है. सामाजिक न्याय के लिए सुसंगत व ठोस नीतियां और योजनाएं बनाने के लिए जातिवार जनगणना जरूरी है ताकि सरकार के पास जातियों से जुड़े अद्यतन आंकड़ें व तथ्य हों.सरकार 1931 के जातिवार जनगणना के आंकड़ें से ही काम चला रही है.मंडल कमीशन ने भी जातिवार जनगणना की जरूरत को रेखांकित किया था.उन्होंने कहा कि जातिवार जनगणना के दायरे में मुस्लिम समाज को भी लाने की गारंटी होनी चाहिए.ओबीसी के साथ सवर्णों को भी जातिवार जनणना में शामिल किया जाए.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी जातिवार जनगणना कराये.लेकिन यह केन्द्र सरकार द्वारा जातिवार जनगणना का विकल्प नहीं हो सकता है.नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव केन्द्र सरकार द्वारा जातिवार जनगणना कराये जाने की मांग को लेकर खुलकर मैदान में आएं.संवाददाता सम्मेलन में अली अनवर अंसारी के साथ सामाजिक न्याय आंदोलन(बिहार) के रिंकु यादव और गौतम कुमार प्रीतम भी थे.

रिपोर्ट – अंजनी कुमार कश्यप

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