SUPAUL:फर्जी खबर फैलाने वाले कुख्यात पत्रकारों पर क्यों नही हो रही है कार्रवाई , अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी आखिर मौन धारण क्यों किए हुए हैं,

TRIVENIGANJ/SUPAUL: बुनियादी केंद्र में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में ऑक्सीजन के अभाव में हुई मौत की खबर सुर्खिया बनी थी उसी के बाद त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय रेफरल  अस्पताल में एंबुलेंस के कारण मौत होने की खबर बड़े-बड़े चैनल और अखबारों में प्रकाशित किए गए थे, जब जिला अधिकारी के द्वारा त्रिवेणीगंज प्रखंड कार्यालय की औचक निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस के कारण मौत होने की सवााल पूछा गया तो जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा फर्जी खबर है, ठीक इसी तरह त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बघला के निकट कब्रिस्तान से बच्चों की लाश गायब होने की झूठी खबर फैलाई गई ऐसी कई खबरे है जिनकी वजह से अधिकारियों के भी पसीने छूट गए आखिर कौन फैला रहा है झूठी खबरे।अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में हुई मौत को लेकर सुपौल जिला पदाधिकारी ने झूठी खबर फैलाने वाले पर संज्ञान लिया कहा कि ऐसी खबर मत बनाइये जिससे पत्रकारिता का स्तर नीचे चला जाये ।ठीक इसी तरह कब्रिस्तान तीन मुर्दा गायब होने की खबर प्रमुखता से टीवी चैनल में दिखाए जाने के बाद हरकत में आये प्रसासन द्वारा जब कब्रिस्तान की खुदाई कर तहकीकात की गई तो खबर कोरी अफवाह साबित हुई, जब अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन से पूछा गया उन्होंने बताया कब्रिस्तान से कोई मुर्दा गायब नहीं हुआ खबर सरासर गलत है, मीडिया में चली खबर पूरी तरह झूठी निकली।पत्रकारिता के गिरते स्तर का फलसफा यह रहा कि कोसी रेंज के डीआईजी शिवदीप लांडे पदस्थापना के उपरांत जब निरीक्षण के क्रम में पहली बार त्रिवेणीगंज पहुंचे तब उसी तथाकथित पत्रकार द्वारा लूट की घटना को लेकर जब सवाल पूछा गया तो डीआईजी भी सकते में आ गए उन्हें समझ ही नही आया कि पत्रकार द्वारा कैसे सवाल पूछे जाते है पुनः पत्रकार ने जब सवाल दोहराया तो डीआईजी साहेब ने लूट की घटना को लेकर पूछे गए सवाल को करेक्ट करने को कहा साथ ही उल जलूल प्रश्न पूछे जाने पर जम कर लताड़ लगाई।अब सवाल उठता है कि उक्त तथाकथित पत्रकार के मंसूबे क्या है, क्यों झूठी खबर फैला रहा है, आरोप यह भी है कि एक बड़े चेनल का रिपोर्टर बन कर लोगो पर आखिर धौंस क्यों जमा रहा है।हालिया घटना में प्रखंड विकास पदाधिकारी का रुपया लेते दो साल पुराना विडिओ कथित तौर पर रिश्वत की बात कहते हुए वायरल कर दिया , वायरल वीडिओ में पैसे के लेनदेन को उन्होंने नकारते हुए कहा कि जिनके द्वारा पैसा दिया गया उनसे हमारे घरेलू ताल्लुकात है, जबकि पूर्व मुखिया पति शिवनारायण यादव ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी के पति से पुराना रिश्ता है, वर्षों से हम सबके बीच लेन देन चलता रहा है, ऐसी परिस्थिति में बकाया पैसा लेना देना अपराध नही है, वायरल करने में भी उक्त कुख्यात पत्रकार की बड़ी भूमिका है, फिलहाल वायरल विडिओ की जांच चल रही है लेकिन त्रिवेणीगंज में पत्रकारिता के दामन पर दाग लगाने वाले कुख्यात पत्रकार पर करवाई क्यों नही हो रही है, वायरल विडिओ मामले में बीडीओ आशा कुमारी ने रिश्वत की बात को सिरे से नकार दिया इसे आपसी लेनदेन का हिस्सा बताया।पत्रकारों का काम खबर भेजना है, साथ ही खबर की सत्यता की पुष्टि करना नही आरोप लगाने वाले से भी उसकी राय रखी जाती है, एकतरफा न्यूज़ केसी पत्रकारिता है, लोगो को समझ नही आ रहा।त्रिवेणीगंज की बड़ी आवादी ऐसी सोच रखने वाले पत्रकारों के बिरुद्ध गोलबंद होने लगी है लोगो का मानना है कि इस तरह की पत्रकारिता से पत्रकार बिरादरी बदनाम हो रही है वही समाज मे नकारत्मकता फैलती है समाज को दिशा देने में अहम रोल अदा करती है मीडिया जब मीडिया पर ही प्रश्न चिन्ह लगने लगे तब जरूरत है बदलाव की।

बिहार प्रभारी गजेंद्र यादव की रिपोर्ट

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