नीतीश कुमार,आठवीं बार बिहार का मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं एनडीए को छोड़कर राजद के साथ मिलकर बनायेंगे सरकार.

PATNA : बिहार में लगातार तीन दिनों से चल रहा सियासी भूचाल आज अंतिम दौर में हैं।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी से जदयू का सम्बन्ध तोड़ने का एलान किया है। इसके बाद वे राजद के साथ मिलकर सरकार बनायेंगे।भमंडल की राजनीति से नेता बनकर उभरे नीतीश कुमार को बिहार को अच्छा शासन मुहैया कराने का श्रेय दिया जाता है। हालांकि उनके विरोधी उन पर अवसरवादी होने का आरोप लगाते रहे हैं। भले ही इसे राजनीतिक अवसरवादिता कहा जाए या उनकी बुद्धिमत्ता, राजनीतिक शतरंज की बिसात पर नीतीश की चालों ने कई साल से सत्ता पर उनका दबदबा बनाए रखा है। अब एक बार फिर नीतीश कुमार आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। बताते चलें की नीतीश कुमार ने पहली बार बिहार के सीएम पद की शपथ 3 मार्च 2000 को सीएम पद की शपथ ली थी। हालांकि महज सात दिनों के भीतर उनकी सरकार गिर गई थी। इसके बाद 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार दूसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। तब उनका कार्यकाल 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 तक पूरे पांच साल चला। 2010 में बिहार विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद नीतीश कुमार ने 26 नवंबर को  बिहार के सीएम बने।हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को मिली करारी हार के बाद उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया और जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंप दिया। 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार ने चौथी बार एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर कमान संभाली। 2015 में नीतीश कुमार ने लालू यादव की पार्टी आरजेडी के साथ मिलकर महागठबंधन सरकार बनाई थी।20 नवंबर 2015 को महागठबंधन सरकार की तरफ से नीतीश कुमार ने पांचवी बार सूबे के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली। जिसमें तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बने। करीब डेढ़ साल सरकार चलाने के बाद नीतीश कुमार ने आरजेडी से गठबंधन तोड़ने का फैसला किया और बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई। इस तरह नीतीश कुमार छठी बार 27 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार छठी बार बिहार के सीएम बने। पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद एनडीए गठबंधन की शानदार जीत के बाद नीतीश कुमार सातवीं बार सीएम बनने में कामयाब रहे और अब नीतीश कुमार एक बार फिर आरजेडी से गठबंधन कर आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

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