जिसके पास जाना है जाओ नहीं तो देना होगा 70000 रुपया, स्वच्छता पर्यवेक्षक पद पर चयन के लिए मुखिया रामानंद यादव।

त्रिवेणीगंज (सुपौल) प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक की पद पर चयन होना है तो कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत के मुखिया रामानंद यादव को देना होगा ₹70000 यह हम नहीं कह रहे यह बात मुखिया अपनी बयानों में साफ कर दी है. मुखिया ने स्वच्छता पर्यवेक्षक पद के अभ्यर्थी को फोन कर कहा कि आप मेरे आदमी से बात कर लीजिए मैं अपने आदमी को भेज रहा हूँ पहले इनसे क्लियर कर लीजिए। आपको बता दें कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के प्रति तृतीय चरण के तहत वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा प्रति पंचायत एक स्वच्छता पर्यवेक्षक तथा प्रति वार्ड दो स्वच्छता कर्मी का चयन कर ग्राम पंचायत द्वारा अनुमोदन प्रदान करते हुए सूची प्रखंड कार्यालय को देनी है। पदाधिकारी के दिशा निर्देश के बाद लगभग एक महीने तक मुखिया कार्यालय में सूची उपलब्ध नहीं करा सके। जिसको लेकर प्रखंड स्वच्छता कोऑर्डिनेटर कड़े शब्दों में मुखिया रामानंद यादव को कार्यालय में सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिये. जानकारी के मुताबिक कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत में मात्र चार ही सीएलपीएस कार्यरत थे। जिसमें तीन पुरुष एक महिला है. विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि इस कार्य के लिए पूर्व में काम कर रहे सी एलटीएस का चयन किया जाना है साथ ही नियमावली में यह स्पष्ट उल्लेख किया है की महिला को पर्यवेक्षक पद के लिए वरीयता मिलनी चाहिए. पर्यवेक्षक पद के लिए अभ्यर्थी जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार तक नहीं होनी चाहिए। सभी नियमों को भूलते हुए मुखिया श्री रामानंद यादव नियमों को ताक पर रखते हुए गुपचुप तरीके से बिना आमसभा बुलाए । वार्ड सदस्य पति को स्वच्छता पर्यवेक्षक के रुप में चयन कर दिया था.जिस बात की जानकारी महिला स्वच्छता पर्यवेक्षक पद की अभ्यर्थी रजीना खातून को मिली जानकारी मिलते ही महिला अभ्यर्थी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी एवं प्रखंड स्वच्छता कोऑर्डिनेटर को जानकारी दी प्रखंड विकास पदाधिकारी तुरंत मुखिया को आदेश दिया है कि वार्ड सदस्य पति को चयन रद्द करते हुए नियमावली के अनुसार स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन किया जाना है । लेकिन मुखिया जी को मोटी रकम चाहिए। चाहे नियमावली कुछ भी कहे उसके बाद पुनः मुखिया ने पंचायत के सभी अभ्यर्थियों को स्वच्छता पर्यवेक्षक पद के लिए आवेदन देने को कहा जिसमें तीन अभ्यर्थी एक महिला दो पुरुष ने मुखिया रामानंद यादव को आवेदन दिए।

फिर क्या हुआ पद के लिए बोली लगाना चालू हो गए।

मुखिया जी करीब एक महीनों तक स्वच्छता पर्यवेक्षक पद पर चयन करने हेतु बोली लगाते रहे . महिला अभ्यर्थी बोली मुझे इतना पैसा नहीं था कि मुखिया रामानंद यादव को दे सके. जबकि आगे की खबर में आपको ऑडियो भी सुनने को मिलेगा। उसके बाद पुनः मुखिया रामानंद यादव नियमावली को ताक पर रखते हुए। पुरुष अभ्यर्थी से मोटी रकम लेकर को स्वच्छता पर्यवेक्षक के रुप में चयन कर सूची शनिवार को कार्यालय को सौंप दिया। जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वच्छता कोऑर्डिनेटर लगातार मुखिया को नियमानुसार चयन करने को निर्देश देते रहे। बावजूद दोनों पदाधिकारी के दिशा निर्देश को मुखिया रामानंद यादव दरकिनार कर दिए. शायद मुखिया जी भूल गए कि किसी भी पद के चयन के लिए चाहे पद छोटा हो या पद बड़ा हो सभी के लिए सरकार ने नियमावली बनाई है.और नियम ही अनुसार चयन किया जाता है. लेकिन सरकार के सभी नियमों को मुखिया ताक पर रख दिए। वहीं इस मामले को लेकर महिला अभ्यर्थी रजिना खातून ने अनुमंडल पदाधिकारी को ऑडियो के साथ आवेदन दिया है. उन्होंने पदाधिकारी से इस तरह की मुखिया पर कार्रवाई की मांग करते हुए नियमानुसार स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन करने की मांग की है इस बाबत अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया की आवेदन मिला है आवेदन के आधार पर जांच की जाएगी जो लोग दोषी होंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट मोहम्मद इरशाद सुपौल

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