खबर का नही हुआ असर:अपराध नियंत्रण में पुलिस हुई फेल अपराधियों को बचाने मे जुटी है जदिया पुलिस। दहशत में है पीड़ित

बिहार : सुपौल के जदिया पुलिस एक बार फिर चर्चा में जदिया पुलिस अपराधियों को पकड़े के बदले पीड़ित पर ही नकेल कस रहें है पीड़ित के द्वारा लगातार थाने के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन वर्दी के हनक में चूर जदिया थाना प्रभारी पीड़ित की बातों को सुनने तक तैयार नही है.मामला कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत की हैं जहां कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत के मुखिया रामानंद यादव के खिलाफ करीब महीना पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन दिया था. उसके बाद मेेेरे भाई के द्वारा मुखिया के खिलाफ एक खबर भी प्रकाशित किया गया था. जो मजदूर केे बदल मनरेगा कार्य ट्रैक्टर से करवाया जा रहा था। आक्रोश में दबंग मुखिया बेटे मनीष कुमार एवं अंकित कुमार को कुख्यात अपराधी सहित हथियार लेस होकर 6 युवकों के साथ पीड़ित महिला की घर मानगंज पश्चिम पंचायत वार्ड नंबर 8 में करीब 8:00 बजे दिन पहुंच कर हमला बोल दिया।और उनके घर के साड़ी सामान को छितर वितर कर घर में रखे पैसे भी ले लिया और गाली गलाॅज एवं महिला के साथ मारपीट किया कहां जल्दी भाई को हाजिर करो. बोलो आवेदन वापस लेने के लिए नहीं तो जान सेेे मारकर शव को नदी में फेंक देंगे। अपराधी पहुंचते पीड़ित ने जदिया पुलिस को सुचना दिया . पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित व्यक्ति को थाने ले गए. और पीड़ित ने थाने में लिखित आवेदन दिए।

 अपराधी को बचाने की कर रही है पुलिस कोशिश

चार दिन  बीत गए है थाना प्रभारी पीड़ित को कार्रवाई करने की सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहे हैं. अब तक कांड दर्ज नहीं हुआ है न कि कोई अपराधी गिरफ्तार किया है. पीड़िता लगातार थाने की चक्कर लगाते रहें हैं अब वह निराश होकर आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए हैं. पीड़िता ने थाना प्रभारी पर आरोप लगाया कि घटना कराने में थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी की हाथ है कहां थाना प्रभारी हमें थाना पर बुलाकर धमकी भी देते हैं की ज्यादा इधर-उधर उड़ोगी तो तुम्हारे ऊपर भी काउंटर केस कर दिया जाएगा. कहा अगर मेरी परिवार वाले की किसी प्रकार का अनहोनी धटना हुई तो इसका जिम्मेवार जदिया थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी होंगे.

पीड़िता और थाना प्रभारी के बीच बातचीत

पीड़िता: कहते हैं सर जो लोग घटना किए हैं वह व्यक्ति आपके थाने पर बैठे हुए हैं

थाना प्रभारी: कहते हैं हां हां वह लोग भी आप के खिलाफ आवेदन दे रहा है कि आपने सरकारी काम में बाधित कर रहे हैं.

थाना प्रभारी: कहते हैं आप आवेदन दीजिए ना कोई दिक्कत नही होगा दोनों तरफ से विधिवत करवाई होगी.।

पीड़िता : कहते हैं क्या हुआ सर अभी तक कार्यवाही नहीं हुआ

थाना प्रभारी: कहते हैं एफ आई आर नहीं होगी .विधिवत कार्रवाई की जाएगी

पीड़िता: फिर क्या हुआ सर

थाना प्रभारी: कहते हैं मामले को अनुमंडल कार्यालय भेज दिए हैं उधर से नोटिस आएगा तो जवाब दे देना

पीड़ित दौड़े-दौड़े अनुमंडल जाते हैं जब वह हम कुछ भी नहीं थाना के द्वारा भेजने की बात कहते हैं

पीड़िता: थाना प्रभारी को कहते हैं सर क्या भेजे अनुमंडल नहीं आया अभी तक कोई दस्तावेज.

थाना प्रभारी कहते हैं: हां हां अभी 10 रोज समय लगेगा,

पीड़िता: पूछते हैं सर हम लोगों को न्याय मिलेगा या नहीं.

थाना प्रभारी :कहते हैं तुम लोगों ने भी मुखिया का बेटा को घेरकर धमकी दिया है. काउंटर केस होगा.

पीड़िता:कहते हैं सर करिए न काउंटर केस हम लोग सबूत न्यायालय को देंगे

उसके बाद भी नहीं हुआ केस दर्ज

पीड़िता: फिर थाना प्रभारी को फोन कर कहते हैं सर हम लोग जिंदा रहे या नहीं रहे।

थाना प्रभारी कहते है आज शाम 5:00 बजे आ जाना f.i.r. कॉपी ले जाना

पीड़िता:12 घंटा बीत जाने के बाद फोन कर थाना प्रभारी को कहते हैं सर f.i.r. कॉपी का नकल दीजिए ना

थाना प्रभारी कहते हैं :आज नहीं कल ले जाइएगा.

पत्रकार चंदन कुमार रजक ने थाना अध्यक्ष से पूछा कि सर मामला तीन रोज बीत गया फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रहा है सर तब वह थाना प्रभारी कहते हैं स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली को लेकर पीड़िता के भाई पत्रकार है वह मुखिया के बेटे को रोककर धमकी दे रहा था.

गाड़ी के पहिए की तरह बदलते हैं थाना प्रभारी की बयान

थाना प्रभारी का करतूत आपको इस आगे की खबर में ऑडियो सुनाया जाएगा. थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी की बयानों से अनुमान लगाया जा सकता है कहीं ना कहीं इन पुलिस वाली की संलिप्तता देखी जाती है।

थाना प्रभारी की काले कानून की उन्हीं के पुलिस ने पोल खोल दी.

महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त घटना के समय जो पुलिस पहुंची थी उस पुलिस ने थाना प्रभारी की काले करतूत का चिट्ठा खोल दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में थाना प्रभारी को कहा जो हमने  देखा है वह सच्चाई है मुखिया के बेटे और अंतर जिला गिरोह के सदस्य कुख्यात अपराधी रूपेश कुमार उर्फ (कनझरका) पिता केसरी यादव के सहित लोगों के साथ पीड़ित के घर पर हमला कर दिया जिससे वह लहूलुहान हो गए हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह घटना घटी जब पीड़ित ने थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी को सूचना दी तो उस समय थाना प्रभारी छुट्टी पर थे। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने कहा हमने थाना प्रभारी को सच्चाई के साथ बता दिया है अब हम क्या कर सकते हैं.
उक्त घटनाओं को लेकर पीड़ित काफी परेशान है काफी डरे हुए हैं रात को अपने घर पर नहीं सो पाते हैं. घटना को लेकर थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं आखिर इतनी बड़ी घटनाओं को लेकर अब तक कांड संख्या नहीं दर्ज हुई है खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार पुलिस के वरीय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं. आखिरकार समझ से परे है कि आम लोगोंं को इंसाफ कैसे मिलेगा. जो लोग घटना को अंजाम देने गए थे कोई मामूली अपराधी नहीं था वह अंतर जिला गिरोह के सदस्य थे.हाल ही में जेल से छूटे हुए हैं. अब देखना होगा कि इस मामले को लेकर एसपी सुपौल कोशी डीआईजी इस मामले को किस तरह से संज्ञान ले रहे है.और थाना प्रभारी पर क्या कार्रवाई कर पाते हैं

सुपौल से चंदन कुमार रजक की रिपोर्ट

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