न्यूज़5नेशनइडिया की खबर की असर: आनन-फानन में पुलिस ने 5 दिन बाद मुखिया के दो बेटे सहित छ लोगों पर की प्राथमिकी दर्ज।

सुपौल: जिले के जदिया थाना से बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां जदिया थानाा प्रभारी राजेश कुमार चौधरी की झूठे बयानबाजी की खबर न्यूज़5नेशनइंडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया.खबर के 24 घंटे बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में पीड़िता के दिए गए आवेदन के आधार पर घटना की पांच दिन बाद कार्ड संख्या 252/22 दर्ज किया है. किसके दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहे थे.यह तो जांच का विषय है.लेकिन थाना प्रभारी की हरकतों से साफ जाहिर होता है कि थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी अपराधियों रोकने के सिवाय अपराधियों को बढ़ावा दे रहे हैं.

क्या था मामला:

पीड़ित महिला स्वच्छता पर्यवेक्षक चयन हेतु पद के लिए मुखिया के द्वारा धांधली करने को लेकर मुखिया के खिलाफ आवेदन दिया था.पीड़िता भाई पत्रकार है जो रामानंद यादव के खिलाफ मनरेगा योजना में कार्य लेबर से नहीं करके ट्रैक्टर से कराया जा रहा था उसकी खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था उसी आक्रोश में कुख्यात अपराधियों को लेकर मुखिया के 2 पुत्र सहित 6 लोगो की साथ हथियार लेस होकर पीड़िता के घर थाना क्षेत्र के मानगंज पश्चिम पंचायत वार्ड नंबर 8 में पहुंच कर उसके बाउंड्री तरफ कर घर में घुस गए. पीड़िता के भाई की तलाश करने लगा घर में रखें सारा समान छितर वितर कर जो पैसा था वह भी ले लिया अपराधी कहने लगा तुम्हारा भाई कहां है.बहुत बड़ा पत्रकार है आज जान से ही मार कर शव को नदी में फेंक देंगे. इतना बात सुनते ही मेरा भाई घर से किसी तरह जान बचाकर भाग निकले और मौके पर थाना प्रभारी राजेश कुमार चौधरी को फोन पर सूचना दी. जदिया पुलिस एक घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचे. तब तक मे सभी अपराधियों भाग निकले मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को थाने ले गया। थाने में लिखित आवेदन दिया जिसमें 8 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है .

जिसके बाद थाना प्रभारी की गुंडागर्दी शुरू हो गई.

कार्रवाई नहीं करने को लेकर तरह तरह का बहाना बनाया जा रहा था. थाना प्रभारी कहते थे कि मामला अनुमंडल भेज दिया है. वहां से नोटिस आएगा तो आप लोग जवाब दे दीजिएगा. कभी कहते थे कार्रवाई करने में 10 रोज समय लगेगा. कभी कहते थे एफ आई आर दर्ज नहीं होगी विधिवत कार्रवाई होगी. थाने में बुलाकर पीड़िता को थाना प्रभारी धमकी भी देते थे। तुम केस करोगी तो तुम्हारे ऊपर भी काउंटर केस कर दिया जाएगा. थाना प्रभारी के द्वारा पीड़िता को दबाव भी बनाया जा रहा था केस नहीं करो ।उसके बाद भी पीड़िता थाना प्रभारी से न्याय की गुहार लगाते रहे. तरह-तरह की बहाना बनाकर पीड़िता को टालते रहे. घटना की करीब 3 रोज बीत गए .पीड़िता सहित उनके परिवार काफी  डरे हुए थे. जिसका न्यूज़5नेशनइंडिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर 24 घंटे बाद हरकत में आई जदिया पुलिस ने आनन-फानन में पीड़ित के दिए गए .आवेदन के आधार पर कांड संख्या दर्ज कर लिया .पीड़िता ने आठ लोगों की आरोपी बनाया. आवेदन के आधार पर बनाए गए आरोपी. मनीष कुमार यादव एवं अंकित कुमार यादव पिता दोनों रामानंद यादव वर्तमान (मुखिया) कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत रूपेश कुमार उर्फ (करझरका) पिता केसरी यादव जो कुख्यात अपराधी है हाल ही में जेल से निकलने को हुए हैं. संजय यादव पिता गजेंद्र यादव गजेंद्र यादव, पिता विशेषण यादव एवं तीन अज्ञात है. अब इन सभी को आरोपियों को जदिया पुलिस कब तक गिरफ्तार कर पाते हैं सबकी नजर इन पुलिसवाले पर टिकी हुई है.सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो पुलिस घटनास्थल पर पहुंची वह निष्पक्ष होकर घटना स्थल पर जो दृश्य देखे वह थाना प्रभारी एवं मीडिया के सामने रख दी. लेकिन दफ्तर में बैठकर जांच करने वाले थाना प्रभारी उन पुलिस वालों की बातों को नकार दिए.

थाना प्रभारी पीड़िता को न्याय दिलाने के बदले पीड़िता को  दे रहे थे झूठा आश्वासन.

पीड़िता हार नहीं मानी वे न्याय के लिए लगातार थाना के चक्कर लगाते रहे।घटना की जानकारी के बाद न्यूज़5नेशनइंडिया ने पीड़ित महिला से बातचीत की। बयानों के आधार पर खबर प्रकाशित की गई थी। अब सवाल खड़े हो रहे हैं. कि सुपौल में कानून व्यवस्था नही है या फिर से पुलिस सुपौल में गुंडा राज कायम हो गए हैं.क्या इन झूठे बयानबाजी करने वाले इन थाना प्रभारी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. इतना ही नहीं पीड़िता महिला के द्वारा थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोप का ऑडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है जो थाना प्रभारी पीड़िता के बातचीत में क्या कुछ कह रहे थे. पीड़िता ने एसपी सुपौल से थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की है साथ ही अपराधियों का भी गिरफ्तार करने का मांग की है अब देखना होगा कि पुलिस के वरीय अधिकारी इन थाना प्रभारी पर क्या कार्यवाई कर पाते हैं सबकी नजर बनी है.

सुपौल से चंदन कुमार रजक की रिपोर्ट।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या आप मानते हैं कि कुछ संगठन अपने फायदे के लिए बंद आयोजित कर देश का नुकसान करते हैं?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129