सुपौल में विभाग जान कर भी बना अनजान:अवैध नर्सिंग होम पर विभाग की नजर नहीं, खतरे में डाल रहे लोगों की जान

सुपौल: जिले के त्रिवेणीगंज में विभिन्न जगहों पर अवैध नर्सिंग होम का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। प्रखंड क्षेत्र हो या फिर प्रखंड मुख्यालय का बाजार सभी जगहों पर नर्सिंग होम का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। पूरे मामले का सबसे रोचक व चिंताजनक पहलू यह है कि त्रिवेणीगंज में रेफरल अस्पताल के समीप भी कई अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहे है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सबकुछ जानकर भी अनजान बने हैं। हालांकि अवैध नर्सिंग होम में मरीज की मौत होने के बाद हंगामा होने पर प्रशासन जागता है और कार्रवाई भी करता है। लेकिन फिर शराब के कुख्यात अड्डों की तरह ही पहले की तरह सबकुछ सामान्य हो जाता है। ताजा मामला खट्टर चौक समीप सिटी क्लीनिक में शनिवार की शाम प्रसव के दौरान पहले बच्चे की मौत हो गई, उसके बाद प्रसूता की भी मौत हो गई। मृतका की पहचान जदिया थाना क्षेत्र के पिलुवाहा पंचायत के वार्ड नंबर 1 निवासी संजय मरीक की पत्नी किरण देवी के रूप में हुई है। इस दौरान परिजनों ने निजी क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया। साथ ही चिकित्सकों व उनके कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद हंगामा शुरू होते ही क्लीनिक पर मौजूद चिकित्सक और उसके कर्मी क्लीनिक को छोड़कर भाग गए। परिजनों ने बताया कि मृतका को बच्चा होने वाला था। जिसे इलाज के लिए उपयुक्त क्लीनिक में शनिवार को दिन के करीब दस बजे निलम देवी के द्वारा लाया गया। वहां तीस हजार रुपया मांग गया। जिसमें ग्यारह हजार पांच सौ रुपया जमा किया। करीब तीन बजे ऑपरेशन करके बच्चा निकाला जो मरा हुआ था। बताया कि मरा हुआ बच्चा को फेंककर आया तो करीब आठ बजे शाम प्रसूता की भी मौत हो गई। जब क्लीनिक संचालक व कर्मी से पूछताछ किया तो वे लोग क्लीनिक छोड़कर भाग गए। घटना से आक्रोशित परिजनों ने त्रिवेणीगंज जदिया मुख्य मार्ग एनएच 327 ई को खट्टर चौक समीप मृतका की शव को बीच सड़क पर रखकर और बास बल्ले से जामकर करीब साढ़े तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया और घटनास्थल पर वरीय पदाधिकारी की आने की मांग कर रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह और त्रिवेणीगंज के जनप्रतिनिधियों ने काफी मशक्कत के बाद समझा बुझाकर जाम को समाप्त किया। साथ ही पुलिस ने मृतका की शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया। थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में कांड संख्या 552/22 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया।

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