डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी के तीन काव्य-संग्रहों ‘कविता बसंत बन जाती है’, ‘नये गीत हम गायेंगे’ तथा ‘नव्य मुक्तक माला’ का लोकार्पण तथा शब्दाक्षर काव्यानुष्ठान सफलतापूर्वक सम्पन्न

गया। राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ के मंच पर गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर तथा शब्दाक्षर की राष्ट्रीय प्रवक्ता सह प्रसारण प्रभारी डॉ. कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी के प्रथम तीन हिन्दी काव्य-संग्रहों – ‘कविता बसंत बन जाती है’, ‘नये गीत हम गायेंगे’ तथा ‘नव्य मुक्तक माला’ का लोकार्पण रविवार 11 दिसंबर को विष्णु पद मार्ग अवस्थित शगुन गेस्ट हाउस में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है। कार्यक्रम का शुभारंभ लोकार्पण विभूति वरिष्ठ पत्रकार कौशल किशोर त्रिवेदी सहित मंचासीन सभी गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया गया है। तत्पश्चात कार्यक्रम की आयोजक सह संयोजक डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी ने हारमोनियम पर ‘कविता बसंत बन जाती है’ में प्रकाशित स्वरचित सरस्वती वंदना “ज्ञान दे वरदान दे, माँ शारदे वरदान दे” तथा स्वागत गीत “स्वागतम, शुभ स्वागतम” की सुमधुर प्रस्तुति देकर अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. रश्मि ने लोकार्पण विभूति कौशल किशोर त्रिवेदी, प्रधान अतिथि एमयू अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. सरिता वीरांगना, मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. जावैद अशरफ़, अतिथि प्रो. नीरज कुमार, प्रो. निभा सिंह के साथ शब्दाक्षर बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र पद्मनाभ, प्रसिद्ध गीतकार कन्हैयालाल मेहरवार, पिता प्यारचन्द कुमार मोहन, डॉ. रामसिंहासन सिंह, शंभु लाल बिठ्ठल, डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, मनीलाल बारीक, महेश लाल गुपुत को शॉल, भगवान बुद्ध की प्रतिमा तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया है। तत्पश्चात लोकार्पण कर्ता कौशल किशोर त्रिवेदी के साथ मंचासीन सभी अतिथियों ने डॉ. रश्मि की ऊपरोक्त तीनों कृतियों का लोकार्पण किया गया है। मंचासीन सभी अतिथियों ने डॉ. रश्मि की हिन्दी साहित्य के प्रति निष्ठा की तारीफ करते हुए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। डॉ रश्मि ने शब्दाक्षर के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ प्रेमशंकर त्रिपाठी, शब्दाक्षर के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविप्रताप सिंह, शब्दाक्षर बिहार प्रदेश प्रभारी डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र , शब्दाक्षर बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्र, महावीर सिंह वीर, ज्योति नारायण, केवल कोठारी, डॉ. स्मृति कुलश्रेष्ठ, श्यामल मजूमदार, सागर शर्मा आजाद द्वारा प्रेषित शुभकामनाओं को पढ़ते हुए समस्त शब्दाक्षर परिवार के प्रति हार्दिक कृतज्ञता जतायी।
“शब्दाक्षर काव्यानुष्ठान” सत्र में मंचासीन अतिथियों आमंत्रित कवि/कवयित्रियों में सावित्री सुमन, महेश कुमार मधुकर, अजय कुमार, अनामिका अनु, शैलेन्द्र कुमार शैल, अशोक प्रियदर्शी, सुधाकर राजेन्द्र, सागर आनंद, प्रो. डॉ. रविशंकर शर्मा, कुमार कांत, जय राम सत्यार्थी, संगीता सिन्हा, पंकज कुमार अमन, गुंजन लता ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। लोकार्पण सत्र का संचालन मनोज मिश्र तथा शब्दाक्षर काव्यानुष्ठान का संचालन डॉ. रश्मि ने किया। सभी अतिथियों ने डॉ. रश्मि के उज्जवल भविष्य की कामना की। मौके पर अरुणोदय मिश्र, कँवलजीत कौर, देवेश दूबे, रामावतार सिंह, कवि कुमार कांत, रवि प्रकाश, अश्विनी कुमार, प्रमोद कुमार आदि की भी उपस्थिति थे।

गया से धीरज गुप्ता की रिपोर्ट 

 

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