सुपौल में बीडीओ, एसडीओ का आदेश छोड़िए अब डीडीसी का आदेश मुखिया रमान्द यादव और पंचायत सचिव दिखा रहे हैं ढेगा. स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली में गाडलाइन ताख पर

सुपौल : जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली काफी सुर्खियों में बनी हुई है. लगातार मुखिया रामानंद यादव के द्वारा स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में अनियमितता देखी जा रही है. चयन में विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि कार्य के लिए अनुभव लोगों को ही चयन किया जाना है साथ ही पूर्व में कार्य कर रहे सीएलटीएस एवं महिला को प्राथमिकता के आधार पर चयन करने का विभागीय आदेश है. लेकिन संबंधित पंचायत के मुखिया रमान्द यादव द्वारा मनमाने तरीके से गाइडलाइन को ताख पर रखकर स्वच्छता पर्यवेक्षक का चयन किया जा रहा है.

क्या था मामला

कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक के चयन किया गया, स्वच्छता पर्यवेक्षक की पद हेतु 4 अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था. सुबोध कुमार, निखिल बिहारी, अरुण ठाकुर, राजीना खातून उसके बाद मुखिया रामानंद यादव के द्वारा गाइडलाइन को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से स्वच्छता पर्यवेक्षक की पद पर सुबोध कुमार मेहता को चयन कर दिया था. जबकि सुबोध कुमार की पत्नी वर्तमान में वार्ड सदस्य है. गाइडलाइन में स्वच्छता पर्यवेक्षक पद के लिए अभ्यर्थी किसी भी जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार तक भी नहीं होने की बात साफ-साफ लिखी हुई है. जिसके बाद महिला अभ्यर्थी के द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन दिया. उसके बाद मुखिया रामानंद यादव के द्वारा महिला अभ्यर्थी रजीना खातुन से ₹70000 रूपये की डिमांड करने लगी. महिला अभ्यर्थी रुपए देने में असमर्थ हुए जिसके बाद मुखिया रामानंद यादव के द्वारा एक बार फिर गुपचुप तरीके से स्वच्छता पर्यवेक्षक पद पर अरुण ठाकुर को चयन कर कार्यालय सौंप दिया. पुन: महिला अभ्यर्थी राजीना खातून को जानकारी मिलने के बाद रजीना खातून ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, डीडीसी सुपौल को लिखित आवेदन दिया. आवेदन के उपरांत डीडीसी सुपौल ने पत्र लिखकर जांच का जिम्मा प्रखंड विकास पदाधिकारी त्रिवेणीगंज को दिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा तीन सदस्यीय टीम गठित कर बहाली संबंधित जांच कराया उक्त टीम में शामिल आवास पर्यवेक्षक संतोष कुमार राय, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वच्छता पदाधिकारी थे. जांच टीम के द्वारा चयन मे विभागीय गाइडलाइन अनुपालन नहीं, महिला को प्राथमिकता नही देने. आमसभा पंजी कुछ भी संधारण नहीं, मुखिया के द्वारा चयन में अनियमितता एवं चयन रद्द कर महिला होने के नाते स्वच्छता पर्यवेक्षक की पद पर रजीना खातून को चयन करने की अनुशंसा की थी. पुनः डीडीसी सुपौल ने कार्रवाई करने हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर चयन को रद्द कर गाइडलाइन एवं महिला होने के नाते स्वच्छता पर्यवेक्षक पद पर राजीना खातून को चयन करने का निर्देश दिया. उसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पत्र लिखकर पंचायत सचिव को थमा दिया. लेकिन पत्र को करीब दो महीने बीत जाने के बाद पंचायत सचिव एवं मुखिया के द्वारा पत्र के आलोक में कोई निर्णय नहीं लिया गया. उसके बाद रजिना खातून ने जिलाधिकारी कौशल कुमार के जनता दरबार में आवेदन देकर स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली में अनियमितता करने मुखिया के द्वारा मोटी रकम मांगने को लेकर मुखिया रामानंद यादव एवं पंचायत सचिव पर परिवाद दायर की जिला अधिकारी ने मुखिया रामानंद यादव पंचायत सचिव राजकिशोर यादव पर कार्रवाई करने का आदेश एसडीओ त्रिवेणीगंज को दिया. वही अनुमंडल पदाधिकारी एसजेड हसन ने जिला अधिकारी के आदेश अनुसार अपने जनता दरबार में परिवाद दायर कर ली. अनुमंडल पदाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत सचिव और मुखिया रामानंद यादव को नोटिस भेजकर मामले की सुनवाई की. अनुमंडल पदाधिकारी ने पत्र लिखकर वरीय अधिकारी के आदेश एवं सरकार की गाइडलाइन अनुपालन कराने के निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया था. उन्होंने आदेश में यह भी किया की प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं स्वच्छता पदाधिकारी की देखरेख में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन किया जाना है.प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पत्र लिखकर पंचायत सचिव एवं मुखिया को 20 मार्च को आमसभा कर स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन करने का निर्देश दिया.

फिर मुखिया और पंचायत सचिव की मनमानी शुरू.

आज जब आमसभा हुई उस आमसभा में बीडीओ और एसडीओ का आदेश छोड़िए डीडीसी का भी आदेश ताक पर रख दिए मुखिया और पंचायत सचिव फीर पुरानी कहानी दोहरा दिए गाइडलाइन को ताख पर रखकर अरुण ठाकुर को चयन करने का फैसला सुना दिया। देखते रह गए निगरानी करने वाले अधिकारी इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं .अब ऐसा प्रतीत होता है कि वरीय पदाधिकारी की कोई हैसियत नहीं है. मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा लगातार गार्डलाइन को ताक पर रखकर अधिकारी के आदेश को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं. हालांकि की आम सभा में प्रखंड विकास पदाधिकारी नहीं पहुंचे.सिर्फ प्रखंड स्वच्छता पदाधिकारी ही पहुंचे. प्रखंड स्वच्छता पदाधिकारी से पूछा गया उन्होंने बताया कि मुखिया एवं वार्ड सदस्य के द्वारा सरकारी गाइडलाइन का अनुपालन नहीं किया गया.ना कि वरीय अधिकारी की आदेश का. प्रखंड स्वच्छता पदाधिकारी यह भी बताया आमसभा में मौजूद गजेंद्र यादव के द्वारा मुझे धमकी भी दिया गया. आमसभा में जो भी हुई है. इसका रिपोर्ट वरिय अधिकारी को भेज दिया जाएगा.इस मामले को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी से पूछा गया उन्होंने बताया कि स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन करने हेतु मेरे द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को गाइडलाइन एवं वरिय अधिकारी के आदेश की अनुपालन करवाने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट आने की इंतजार किया जा रहा है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.वही महिला अभ्यर्थी रजीना खातून ने बताया कि आज एसडीओ की आदेश अनुसार आमसभा हुई है. उस आमसभा में भी गाइडलाइन का कोई अनुपालन नहीं किया गया. उस आमसभा में मुखिया के द्वारा मुझे प्रताड़ित किया गया. मुझे जातिसूचक भी बातें कही गई. आम सभा में मुखिया के द्वारा एक दर्जन से अधिक अपराधी लाए गए थे. मुखिया एवं उनके चमचे के द्वारा लगातार मुझे आवेदन वापस लेने की धमकी देते रहे. उन्होंने यह भी कहा मुखिया और उनके चमचे गजेंद्र यादव पिता विशेस्वर यादव के द्वारा कहा जाता है कि आवेदन वापस नहीं लिया तो इसका अंजाम तुमको एवं तुम्हारे परिवार वाले को भुगतना पड़ेगा यह सब मिलकर मुझे वरीय अधिकारी को आवेदन देने से भी रोकते हैं. किसी तरह चोरी छुपे पदाधिकारी को आवेदन देते हैं. कहा इस मामले को लेकर अनुमंडलीय जनता दरबार में 24 मार्च को सुनवाई है. अगर वहां मुझे न्याय नहीं मिला तो फिर कोर्ट का शरण लेंगे .देखना तो दिलचस्प होगा अनुमंडल पदाधिकारी इस मुखिया के खिलाफ क्या कार्रवाई कर पाते हैं जिसपर सबकी नजर बनी हुई.

 

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