कार्रवाई : सरकारी निर्देश का उल्लंघन के मामले में मुखिया रमान्द यादव व पंचायत सचिव के विरुद्ध एसडीओ ने कार्रवाई का अनुशंसा की है, देखिए रिपोर्ट

त्रिवेणीगंज (सुपौल): स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में सरकार की निर्देश का उल्लंघन के मामले में कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत के मुखिया रामानंद यादव एवं पंचायत सचिव पर त्रिवेणीगंज एसडीओ एस जेड हसन ने मामले को गंभीरता लेते हुए इन दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है. एसडीओ ने जिलाधिकारी सुपौल को स्पष्ट लिखा की स्वच्छता पर्यवेक्षक की नियुक्ति की जांच के क्रम में उपलब्ध कागजातों तथा प्रखंड समन्वयक स्वच्छता के प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया. अवलोकनोपरांत पाया गया कि कोरियापट्टी पश्चिम के मुखिया रामानंद यादव एवं पंचायत सचिव के द्वारा स्वच्छता पर्यवेक्षक की नियुक्ति में विभागीय निर्देश का दो बार अनुपालन नहीं किया गया है.जबकि गाइडलाइन के अनुसार महिला एवं स्वच्छताग्राही को प्राथमिकता दी जानी है. मुखिया द्वारा चयन समिति के सदस्यों को सभी आवेदनकर्ता का नाम पुकार कर समर्थन में हाथ उठाकर खुला मतदान कराकर चार अभ्यर्थी में श्री अरुण कुमार ठाकुर का चयन पुन: स्वच्छता पर्यवेक्षक की पद कर दिया गया है. तथा रजीना खातून के पक्ष में सुन मतदान दिखाया गया है. जो बहाली की विहित प्रक्रिया प्रतीत नहीं होती है. सभी प्रतिवेदन व विभागीय निर्देश के अवलोकन से प्रतीत होता है कि मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा नियम की विरुद्ध स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली में नियमों का पालन नहीं किया गया है. उपलब्ध साक्ष्य के आलोक में अरुण कुमार ठाकुर की बहाली को नियम अनुसार रद्द कर पुनः ग्राम पंचायत कोरियापट्टी पश्चिम में स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद पर नियमानुसार बहाली विभागीय निर्देश के आलोक कराया जाए तथा विभागीय निर्देश के उल्लंघन के मामले में मुखिया एवं पंचायत सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

क्या था मामला

मुखिया रमान्द यादव पंचायत सचिव द्वारा स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में गाइडलाइन के अनुपालन नहीं करने एवं पर्यवेक्षक की बहाली में मोटी रकम मांगने को लेकर महिला अभ्यर्थी ने डीडीसी सुपौल को आवेदन दिया था. डीडीसी सुपौल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी त्रिवेणीगंज को निर्देशित कर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच करवाया.जांच टीम ने साफ-साफ लिखा कि मुखिया और पंचायत सचिव के द्वारा स्वच्छता पर्यवेक्षक की बहाली में अनियमितता एवं गाइडलाइन का अनुपालन नहीं.किया गया तथा आम सभा पंजी में कुछ भी संधारण नहीं पाया गया.जांच उपरांत विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में नियम अनुसार रजीना खातून पति मोहम्मद फिरोज खा को महिला होने के नाते स्वच्छता पर्यवेक्षक पद पर हेतु एक अवसर देने की अनुशंसा की थी. डीसीसी सुपौल ने 7/1/2023 को पत्र लिखकर प्रखंड विकास पदाधिकारी को चयन को निरस्त कर गाइडलाइन की अनुपालन एवं रजीना खातुन स्वच्छता पर्यवेक्षक की पद के लिए अनुशंसा की गई. पत्र के आलोक में प्रखंड विकास पदाधिकारी त्रिवेणीगंज में 12/1 /2023 को पंचायत सचिव और मुखिया को आदेश दिया कि समर्पित परिवाद के जांच उपरांत विभागीय दिशा निर्देश के आलोक में नियमानुसार रजीना खातून पति मोहम्मद फिरोज खान को महिला होने के नाते स्वच्छता पर्यवेक्षक पद के लिए चयन करने का निर्णय लिया गया. पत्र प्राप्त किए जाने के बाद मुखिया रमान्द यादव और पंचायत सचिव राजकिशोर यादव के द्वारा चयन मे मनमानी एवं मोंटी रकम महिला अभ्यर्थी से मांगी जा रही थी जिसको लेकर महिला अभ्यर्थी रजीना खातून डीएम के जनता दरबार में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई. आवेदन में रजीना खातून के द्वारा चयन से संबंधित सभी कागजात एवं बीडीओ की जांच प्रतिवेदन डीडीसी साहब के द्वारा निर्गत पत्र सल्गंन था. स्वच्छता पर्यवेक्षक पद के लिए 4 अभ्यर्थी थे. जिसमेंं ती पुरुष एक महिला.आवेदन के उपरांत डीएम कौशल कुमार ने 7 /1 2023 को जांच के आदेश त्रिवेणीगंज एसडीओ एसजेड हसन को दिया।अनुमंडल पदाधिकारी ने निष्पक्ष तरीके से स्वच्छता पर्यवेक्षक चयन प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वच्छता पदाधिकारी के देखरेख में कराने की निर्देश दिया. अनुमंडल पदाधिकारी के आदेशानुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मुखिया एवं पंचायत सचिव को 20 मार्च को आमसभा कर गाइडलाइन को अनुपालन करते हुए स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन करने की आदेश दिया. मुखिया के द्वारा पुनः गाइडलाइन को ताक पर रखकर अरुण ठाकुर को चयन हेतु अनुमोदन किया. जबकि आमसभा में महिला अभ्यर्थी भी उपस्थित थी. लेकिन उनको प्राथमिकता नहीं दी गई.

चयन के लिए में स्वच्छता पदाधिकारी को नोडल बनाया गया था.

स्वच्छता पदाधिकारी ने एसडीओ को पत्र के माध्यम से साफ तौर पर लिखा की रजीना खातून महिला एवं स्वच्छताग्राही होने के कारण उनका चयन हेतु अपील एवं पत्र पढ़कर सुना दिया गया. लेकिन मुखिया एवं पंचायत सचिव रजीना खातून का समर्थन नहीं किया गया तथा मुखिया और पंचायत सचिव के द्वारा पुनः पुरुष अभ्यर्थी को चयन हेतु अनुमोदन किया गया. उन्होंने यह भी लिखा पत्र में इससे अस्पष्ट जाहिर होता है कि मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा सरकार की गाइडलाइन का अनुपालन नहीं किया गया. रजीना खातून पति मोहम्मद फिरोज खा को स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में महिला होने के नाते प्राथमिकता दिया जा सकता है. वही रजीना खातुन पति फिरोज खा के द्वारा पुन: आपत्ति भी दी गई जो प्रतिवेदन में संल्गन कर भेजी जा रही है.

 

सुपौल से संवाददाता सोनू आलम की रिपोर्ट

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