सुपौल में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में धांधली संबंधित खबर प्रकाशित करने पर बौखलाई बीडीओ निगम झा कहां इसका अंजाम बाद में भुगतना पड़ेगा।

सुपौल:  जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में अनियमितता और भारी धांधली को लेकर शिवसेना उत्तर बिहार प्रमुख रामदेव यादव के बयानों के आधार पर बीते दिनों प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया गया. प्रकाशित होने के बाद परीक्ष्यमान सह बीडीओ निगम झा का बौखलाहट इतनी तेज हो गई है उन्होंने इसका परिणाम भुगदने एवं जेल भेजने तक की धमकी दे डाली इतना ही नहीं प्रखंड कार्यालय में नहीं आने का भी धमकी दिय जा रहा। खास बात यह है कि ग्रामीण विकास पदाधिकारी का कार्यकाल इतना अच्छा चल रहा कि है कि आप भी सुनेंगे तो हैरत में पड़ जाएंगे• इन साहब की कार्यकाल में प्रखंड कार्यालय का विवादों से गहरा नाता रहा है यहां जो भी पदाधिकारी आते हैं उनका एकमात्र लक्ष्य धनोपार्जन होता है और इसके लिए सभी अपने अपने तरीके से इलाज करते हैं दरअसल लोहिया स्वच्छता अभियान पेज टु के तहत स्वच्छता पर्यवेक्षक के चयन किया जाना है . जिसके लिए सरकार ने गाइडलाइन भी जारी की है. लेकिन प्रखंड कार्यालय को न्यायालय तथा स्वयं जज मानकर कर प्रत्येक दिन ताबड़तोड़ निर्णय ले रही है. निर्णय लेने के क्रम में गाजर मूली की तरह स्वच्छता पर्यवेक्षक की नौकरी खा रहे हैं. और रेवरी के तरह दूसरे को नौकरी बांट रही है. लगभग सभी पंचायतों में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन को लेकर विवाद बड़ी तेजी से बढ़ रही है। अभ्यर्थी लगातार डीएम के पास पहुंचकर लिखित आवेदन देकर अपना फरियाद सुना रहे हैं. अफसोस इस बात की है गाइडलाइन की अनुपालन नहीं होने के कारण चयन तो रद्द कर दिया जाता है. बशर्ते एक भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है

बीडीओ निगम झा की कार्यकाल

कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत में तीन बार चयन रद्द हुआ• तीसरी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सुपौल के पत्रांक 861 दिनांक 10/ 4/23 के आलोक में एसडीओ त्रिवेणीगंज की उपस्थिति में क्रियान्वयन समिति की बैठक कर गाइडलाइन के अनुसार चयन प्रक्रिया की गई। पहली बार मुखिया के द्वारा वैगर अभ्यर्थी को सूचना दिए हुए स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन अवैध तरीके से कर कार्यालय को समर्पित कर दिया, उसके बाद अभ्यर्थी ने डीडीसी सुपौल को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई, डीडीसी सुपौल के आदेश अनुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में 3 सदस्य टीम गठित कर जांच कराया गया. जांच रिपोर्ट में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन अनियमितता और धांधली करने की बात सामने आई. रिपोर्ट के अनुसार डीडीसी सुपौल चयन को रद्द कर दिया और गाइडलाइन के अनुसार महिला को प्राथमिकता देते हुए चयन करने का निर्देश दिया. उक्त चयन प्रक्रिया में ग्रामीण विकास पदाधिकारी त्रिवेणीगंज की देखरेख में क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई, उसमें भी गाइडलाइन का अनुपालन नहीं किया गया.नाही महिला को प्राथमिकता दी गई , पुनः महिला अभ्यर्थी ने डीएम सुपौल के जनता दरबार में परिवाद दायर की, आवेदन के उपरांत जांच का जिम्मा निवर्तमान अनुमंडल पदाधिकारी त्रिवेणीगंज को दिया, अनुमंडल पदाधिकारी ने बीडीओ निगम झा से जांच कराया, बीडीओ के समर्पित रिपोर्ट के अनुसार, एसडीओ त्रिवेणीगंज ने डीएम सुपौल को प्रतिवेदन में लिखा कि मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा दो बार गाइडलाइन का अनुपालन नहीं किया गया, उसी आलोक में डीएम कौशल कुमार ने एसडीओ त्रिवेणीगज की उपस्थिति में चयन करवाने का आदेश दिया साथ ही बीडीओ निगम झा से मुखिया के द्वारा गलत ढंग से किए गए स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन संबंधित मुखिया एवं पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण पूछते हुए अपना मंतव्य अंकित कर एक सप्ताह के अंदर कार्यालय समर्पित करने को कहा ■
वही जदिया पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा अनियमितता पाई गई. जिसको लेकर डीएम कौशल कुमार ने चयन रद्द कर नए सिरे से चयन करने का आदेश दिया. उसके बावजूद भी चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई. जबकि जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सुपौल के पत्रांक 1161- 24/5/ 23 लेटर जारी कर बीडीओ निगम झा को आदेश दिया कि गाइलाइन के अनुसार स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन कर कार्यालय को प्रतिवेदन समर्पित करें. दिए गए आदेश की महीने बीतने को जा रहा है अभी तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, खास बात तो यह है कि उक्त चयन में बीडीओ निगम झा के द्वारा तीन बार क्रियान्वयन समिति की बैठक का तरीख निर्धारित कर तीनों बार निरस्त कर दिया गया। जिसको ले अभ्यर्थी लगातार कार्यालय की चक्कर काट रहे हैं ■ वही पीलुवाहा पंचायत में जिलाधिकारी के आदेश अनुसार पिलुवाहा पंचायत में 15 मई 23 को स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन कराने का निर्देश दिया. निर्देश के बाद मुखिया के द्वारा विभागीय अधिकारी के मिलीभगत से गलत तरीके से चयन कर कार्यालय को समर्पित कर दिया। नव चयन स्वच्छता पर्यवेक्षक को 22 मई को एक दिवसीय जिलाधिकारी के समक्ष प्रशिक्षण भी दिया गया. जिसके बाद पंचायत के कार्यरत स्वच्छताग्राही शबनम कुमारी एवं पंचायत के वार्ड सदस्य को इस बात की जानकारी हुई कि हमारे पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन प्रक्रिया पूरी हो गई, जिसको लेकर पूर्व में कार्यरत स्वच्छताग्राही शबनम कुमारी एवं पंचायत के वार्ड सदस्य ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन दिया प्रखंड विकास पदाधिकारी ने आनन-फानन में कार्यालय के पत्रांक 23/ दिनांक 9/6/23 लेटर जारी कर बताया कि स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में विभागीय दिशा निर्देश के अनुपालन नहीं करने के कारण रद्द कर दिया है,
पुनः विभागीय दिशा निर्देश के अनुपालन करते चयन प्रक्रिया सुनिश्चित किया जाए। लेकिन अभी तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं किस तरह से प्रखंड की व्यवस्था चल रही है,हैरानी की बात यह है कि इस मामले को लेकर अगर किसी व्यक्ति या पत्रकार अवाज उठाते हैं उसको इन बीडिओ के द्वारा खुलेआम आम धमकी दिया जा रहा है, इसका अंजाम आपको लोगों को बाद में पता चलेगा। इतना ही नहीं बीडीओ कहता है कि आप लोग प्रखंड कार्यलय नही आ सकते हैं. साहब भूल गए कि प्रखंड कार्यालय आपकी निजी आवास नहीं है आप किसी को आने से रोक सकते हैं प्रखंड कार्यालय आम जनों के लिए बनाया गया. यहां पर आम जनों की समस्या निजात करने के लिए आपको पदस्थापित किया गया. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कौन गुनाहगार है,

सिर्फ त्रिवेणीगज में धांधली क्यों:

डीएम साहब आपके आने से लोगों की उम्मीद बढ़ी है आप से लोगों को न्याय मिल रही है लेकिन त्रिवेणीगंज इस की व्यवस्था देखकर ऐसा प्रतीत लग रहा है, कि यहा कोई नियम व्यवस्था है ही नहीं क्या इन बीडीओ पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए जो लगातार नियम कायदे को अपने ताक पर रखकर फैसला सुनाते हैं जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। लोग लगातार शिकायत लेकर आप तक पहुंच रहे हैं आखिरकार क्यों . वहीं कुछ स्वच्छता पर्यवेक्षक ने यह भी आरोप लगाया मुस्लिम समुदाय के लोग अगर बीडीओ निगम झा के पास किसी काम से जाते हैं तो इनके द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है।

परीक्ष्यमान में इस बीडीओ निगम झा की अभी से इस तरह का कार्यशैली है तो आगे केसा होगा…

इसी को ले शिवसेना उत्तर बिहार प्रमुख रामदेव यादव ने जिलाधिकारी से बीडीओ निगम झा पर अभिलंब कार्रवाई की मांग करते हैं त्रिवेणीगंज प्रखंड में चयनित पंचायतों में स्वच्छता पर्यवेक्षक की चयन में धांधली हुई है इसकी विशेष टीम गठित कर जांच कराया जाए साथ ही इस बीडीओ की कार्यकाल में जो भी कार्य हुई है उनका भी जांच करवाया जाए। देखना तो बड़ी बात होगी इन‌ बीडीओ पर कब तक कार्रवाई होती है जिस पर सबसे नजर टिकी हुई है. कुछ ऐसे भी बीडीओ की मामले हैं जो आगे की खबर में खुलासा किया जाएगा

सुपौल के संवादाता मोहम्मद रहमतुल्ला रिपोर्ट

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