बढ़ते अपराधों पर एमआईएम विधायक अख्तरुल ईमान ने बिहार के लोगों की कीड़े- मकोड़ों से तुलना, जानिए क्या कहा

Desk, अररिया। बिहार में अपराधिक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हर दिन हत्या, लूट, रेप और अन्य दूसरे वारदातें सामने आ रही हैं। जिसको लेकर सरकार और पुलिस विभाग लगातार विपक्ष के निशाने पर है। अब बिहार में लगातार हो रही हत्याओं को लेकर एमईएम विधायक सह प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने फिर से बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अख्तरुल ईमान ने कहा है कि बिहार में कानून व्यवस्था की इतनी बदहाल स्थिति है कि लोगों को कीड़ों-मकोड़ों की तरह मारा जा रहा है। सरकार गुंडों के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी है। अख्तरुल ईमान यहीं पर नहीं रूके। अख्तरुल ईमान ने कहा है कि उनकी हालत ऐसी हो गई है कि उनके कैबिनेट और गठबंधन के नेता ही नहीं, उनके अधीन प्रशासन और पुलिस अधिकारी भी नहीं सुनते हैं। ऐसे में राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था की बात बेमानी है। अररिया जिला में पत्रकार विमल कुमार की हत्या शासन प्रशासन की निष्क्रियता का प्रमाण है , महज दो दिन पहले अररिया जिला के समस्तीपुर जिला के मोहनपुर ओपी मे पदस्थापित थानाध्यक्ष नंद किशोर यादव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था , अभी जहां शहीद पुलिस अधिकारी के गम से अररिया जिला के लोग उबर भी नही पायें थे वही समाज के सजग प्रहरी पत्रकार की हत्या की खबर से अररिया ही नही पुरे बिहारवासी मे भय का माहौल व्याप्त हो गया है , सरकार और प्रशासन निरंकुश साबित हो रहा है ,अपराधियों मे किसी प्रकार का भय नही है ,लोग गवाही देते हैं कि विमल कुमार साफ सुथरा इंसान था वह किसी केस का गवाह भी था यह अदालत की गवाह का कत्ल हुआ है, देश के चौथे स्तंभ का कत्ल हुआ है, सीमांचल की अब ऐसी हालत हो गई है की दिनदहाड़े लोगों को गोली मार दी जाती है बतावे नीतीश कुमार यहां की पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है और वर्दी पहने भी वर्दीधारी भी महफूज नहीं है,लॉ एंड ऑर्डर खराबी किस चीज की नाम है, यह सरकार की इकबाल बिल्कुल चौपट हो कर रह गया है, या हुकूमत कुर्सी बचाने के मामले मे आवामी तहफूज आवामी मसाईल जनसुरक्षा सारी चीजों को ताक पर रख दी, उन्होंन कहा वर्दीधारी एवं पत्रकार की परिवार वालों को एक करोड़ राशि की हर्जाना सरकार दें, और उनके बच्चे को सरकारी नौकरी दे,अख्तरुल ईमान ने अररिया एसपी पर जमकर बरसे। कहां जिनके इलाके में इस तरह की धटना घट रही है ऐसे एसपी को जिम्मेदार ठहराया जाए। अररिया में इससे पहले रमजाने मुबारक की दिन में शेहरी के वक्त वहां पर शहबाज नाम के नौजवान को पीटते- पीटते मर्डर कर दिया और आज तक उसका मुजरिम गिरफ्तार नहीं हुआ, यह इस बात का सबूत है अररिया पुलिस दो धारी तलवार चला रही है इस मामले में बिहार सरकार को जवाब भी कुबूल का करना चाहिए, चाहे अपनी नाकामी का एतराज करें वर्ना उस लापरवाही अफसरों पर कार्यवाई करें, तभी माना जाएगा यह लोकतांत्रिक सरकार है अख्तरुल ईमान ने कहा जिस तरह से बिहार में लोगों के साथ अपराधिक वारदातें हो रही हैं, वैसा किसी इंसान के साथ नहीं होता है।

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