त्रिवेणीगंज बीडीओ पंकज कुमार की एक तरफा कार्यवाई देख स्थानीय लोग बीडीओ की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

सुपौल : जिले के त्रिवेणीगंज में बीडीओ की मनमानी सामने आई है। लिहाजा लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मुख्य दर्शक बने हुए हैं, यहा‌ के वर्तमान बीडीओ पंकज कुमार का (ऑन स्पॉट) एक तरफा कार्यवाई देख लोगों में आक्रोश देखी जा रही है, आपको बता दे कि बिना नोटिस के एक मुस्लिम कम्युनिटी के लोगों खिलाफ 8/10/23 को कांड 214/23 दर्ज करा दी,मामला मुख्यमंत्री परिवहन योजना से ली गई‌ ,वाहन में व्यवसायिक नंबर नहीं लगवाने से जुड़ा हुआ था, हैरत की बात यह है कि उस एफआईआर कॉपी में इन बीडीओ के द्वारा लिखा गया पन्द्रह दिन का समय पीड़ित को दिया गया कि मुख्यमंत्री परिवहन से ली गई अनुदान की राशि प्रखंड नजारत में जमा करें, लेकिन जमा नहीं किया गया, लेकिन पीड़ित को नोटिस नहीं दिया गया, इस मामले में बीडीओ पंकज कुमार से बातचीत किया‌ तो बीडीओ पंकज कुमार ने कहा पीड़ित को थाने के माध्यम से नोटिस भेजवा दिया था, थाना वाला नहीं दिया तो हम क्या करें, अब सवाल उठना लाजिमी है जब बीडीओ को ( ऑन स्पॉट) कार्यवाई करना ही था, तो फिर एफआईआर कॉपी में क्यों दर्शाया गया पीड़ित को नोटिस भेज कर अनुदान राशि प्रखंड नजारत जमा करने को लेकर पन्द्रह दिन का समय दिया गया था लेकिन जमा नहीं किया,

दूसरा सवाल अगर बीडीओ बता रहे हैं कि हम नोटिस भेजवाने के लिए थाने को दिए थे, तो फिर थाना वाला पीड़ित को क्यों नहीं नोटिस दिया है,आखिर किसकी लापरवाही है, यह एक बहुत बड़ा सवाल है, जिसका जवाब उच्च अधिकारी को देना चाहिए, ठीक है पीड़ित वाहन में व्यवसाय नंबर नहीं लगाया वह गुनहगार है बशर्ते उसी योजना ली गई उनके साथ-साथ और भी लोग निजी नंबर का तो उपयोग कर रहे हैं, सिर्फ इस पर इन बीडीओ पंकज कुमार को इस मुकदमा दर्ज कराने में इतना ढोंग क्यों रचना पड़ा, इन बीडीओ पंकज कुमार की बयानों से साफ स्पष्ट होता है कि जातीय मतभेद देख कर कार्यावाई की है, इतना ही नहीं उन्हीं के ब्लॉक से ली गई,करीब सैकड़ो वाहन में निजी नंबर का उपयोग हो रहा है, कुछ वाहन में अभी तक रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ है, लेकिन उस पर बीडीओ साहब को नहीं दिखा, दिखा कहा सिर्फ मुस्लिम, क्या इस योजना से ली गई वाहन की दस्तावेज जांच करने का समय इस बीडीओ पंकज कुमार को नहीं था, जिसका जवाब इस बीडीओ साहब के पास नहीं है, पीड़ित ने कहा एफआईआर होने की दस रोज बीत जाने बाद जब हमें मालूम हुआ कि बीडीओ साहब के द्वारा मेरे खिलाफ कार्यवाई कर दी है तो हम बीडीओ पंकज कुमार से मिले‌ हमने कहा साहब केस करने पहले मुझे नोटिस तो दे देते,या जानकारी, बीडीओ साहब ने कहा नोटिस तो थाना से भेजवा दिए।अब कुछ नहीं होने वाला है,अब अनुदान की राशि का दो गुना जमा करना होगा अन्यथा जेल जाने को तैयार रहो, पीड़ित ने कहा है कि अल्पसंख्यक होने की सजा मुझे दी जा रही, कहा इस योजना से प्रथम चरण से लेकर आज तक हजारों लोग वाहन ली है, इसमें प्रदीप कुमार टाटा टियागो वाहन लिया है उसमें भी नीजी नंबर चल रहा है, एवं पिंटू कुमार टाटा टियागो लिया है जो कि अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है, उसी योजना से ली गई सैकड़ो लोग निजी नंबर लगाकर वाहन चला रहे है, लेकिन उन लोगों पर कोई कार्यवाई नहीं हुई है, सिर्फ मेरे खिलाफ मुकदमा करा दिये है,

उन्होंने यह भी कहा कि बीडीओ पंकज कुमार के द्वारा मुझे लगातार धमकी भी दी जा रही है इस बात को आगे बढ़ाने की कोशिश करोगे तो इसका अंजाम तुमको भुगदना पड़ेगा, कार्यवाई नहीं होने से स्थानीय लोग बीडीओ की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

हालांकि इस केस का जिम्मा संभाल रहे हैं डीएसपी बिपिन कुमार अब देखने वाली बात होगी इस मामले को किस तरह से संज्ञान लेते हैं जिस पर सब की नजर टिकीं हुई है,

सुपौल से संवादाता मोहम्मद रहमतुल्ला की रिपोर्ट

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