B-टीम’ वाले आरोपों पर AIMIM प्रवक्ता आदिल हसन का पलटवार, कहा- CM और PM दोनों हैं एक, जानिए क्या कहा आदिल हसन

PATNA : बिहार में चुनाव लड़ रही असदुद्दीन ओवैसी (OWAISI) की पार्टी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी की बी टीम बता रही हैं. जिसको लेकर AIMIM आदिल हसन ने सीएम पर पलटवार किया है. मीडिया से बातचीत में AIMIM प्रवक्ता ने कहा, बिहार के मुस्लिम खासकर विकास चाहते हैं न कि तुष्टिकरण. पीएम मोदी(PM MODI) और नीतीश कुमार एक ही हैं. बिहार में भाजपा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा कि (एआईएमआईएम (AIMIM) मुस्लिम समुदाय की पार्टी है, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि उनकी क्षमता केवल कुर्मी और कुशवाहा तक ही सीमित है। बिहार में भाजपा को मजबूत बनाने के लिए नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं।

आदिल हसन ने कहा कि नीतीश ने बिहार के मुसलमानों के साथ हमेशा धोखा किया. लगातार उन्हें ठगते रहें, उनसे वोट लिया लेकिन सीमांचल के मुद्दों को कभी भी प्रमुखता नहीं लिया. नीतीश ने सीमांचल की लड़ाई के बदले जातीय राजनीति की. आज जब जातीय जनगणना की रिपोर्ट सामने आई तो आज मुसलमानों का हमदर्द बन गए, उनके साथ बैठक पर बैठक कर रहे हैं,

आदिल हसन ने कहा नीतीश जी बतावे कि अपने पार्टी में कितने मुसलमान भाइयों को टिकट दिया है, कितने मुसलमान भाइयों उनके विधायक और सांसद है,कितने मुसलमान भाई को राज्यसभा भेजा हैं, कितने मुसलमान उनके पार्टी में मंत्री हैं कितने मुसलमान भाई को डिप्टी सीएम बनाए हैं, जिसका जवाब नीतीश जी के पास नहीं है, आज तक मुसलमानों को नीतीश कुमार लॉलीपॉप देकर ठगने का काम किया है, मुसलमान भाई को आज तक डरा धमकाकर वोट लेता रहा है, आखिर कब तक मुसलमान भाई इन लोगों की गुलामी करते रहेगा, अब तो बाड़ी आई ना हिस्सेदारी का, अब तो दे लालू जी और नीतीश जी मुसलमानों को हिस्सेदारी,

आदिल हसन ने कहा बिहार में यादवों की पार्टी है, मांझी जी की पार्टी है, मुकेश सहनी की पार्टी है, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी है, चिराग पासवान की पार्टी है,पप्पू यादव की पार्टी है, तब इनको पेट में दर्द नहीं होता, जब मुस्लिम की पार्टी( एआईएमआईएम (AIMIM) है तो उन्हें भाजपा का बी टीम बताया जा रहा है, एआईएमआईएम (AIMIM) केवल मुसलमानों की पार्टी नहीं है. वो कहते हैं कि पार्टी ने कई दलितों और हिंदुओं को चुनाव में टिकट दिए हैं,(AIMIM) सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, उन्होंने कहा नीतीश कुमार बीजेपी को छोड़ जब राजद में शामिल हुआ था, तब उन्होंने कहा था कि हम मिट्टी में मिल जाएंगे लेकिन बीजेपी में नहीं जाएंगे, फिर मौका देख आरजेडी को छोड़ बीजेपी की दामन थाम लिए, उसके कुछ ही दिनों बाद बीजेपी को छोड़ अब आरजेडी में शामिल हो गया, सबसे पहले किसी पर आरोप लगाने से पहले नीतीश जी अपने गिरेबान में झांककर देखें, नीतीश जी को ख़ुद पता नहीं कितनी बार पलटी मारी है. नीतीश का राजनीतिक चरित्र सबको पता है. आने वाले चुनाव में इसका मुंहतोड़ जवाब अवाम देंगें ,मजिलस गरीबों, मजलूमों और मुसलमानों की नहीं बल्कि कमजोरों की बात करती है, आदिल हसन यही नहीं रुकी कहा एक कहावत है गरीब की जोरू सबकी भाभी,

नीतीश कहां जाएंगे, उन्हें भी पता नहीं- आदिल हसन

आदिल हसन ने कहा कि 2024 के चुनाव आगे में है आप देख लीजिएगा ,नीतीश कुमार किस दिशा में जाएंगे उन्हें भी पता नहीं, नीतीश कुमार की अपनी जो सहूलियत होगी जिसमें अपना स्वार्थ दिखेगा उस दिशा में वो जाएंगे. इसके अलावा आदिल हसन ने एआईएमआईएम (AIMIM) विधायकों की खरीद -फरोख्त के लिए तेजस्वी पर भी निशान साधा,

नीतीश कुमार ने पार्टी के अल्पसंख्यक नेताओं की बैठक बुलाई थी,

आपको बताते की बीते शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के अल्पसंख्यक नेताओं की बैठक बुलाई थी। इस दौरान मुस्लिम नेताओं को सीएम नीतीश कुमार आश्वासन दिया कि वो आगे भी अल्पसंख्यकों के कल्याण और उनके विकास के लिए निर्णायक कदम उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा, जब मैं एनडीए के साथ था, तब भी अल्पसंख्यकों के लिए बगैर किसी दबाव के काम किया। बैठक में सीएम ने मुस्लिम नेताओं को ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से सावधान रहने को कहा। इस पार्टी को लेकर उन्होंने साफ़-साफ़ कहा कि यह भाजपा की बी टीम है और अगले चुनाव में विपक्ष का वोट काटने के लिए जगह-जगह अपने उम्मीदवार उतारेगी। इने मंसूबे कामयाब न हो पाए इसलिए हमें तैयारी करनी होगी।

औवेसी की AIMIM को लेकर नीतीश क्यों चिंतित हैं –

नीतीश कुमार के बैठक में बिहार के सभी 38 जिलों से मुस्लिम नेता शामिल हुए थे। यह बैठक पटना में एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पर आयोजित की गई थी। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को जब जातिगत सर्वे की रिपोर्ट सार्वजानिक हुई थी उसमें पर चला कि बिहार में मुस्लिमों की आबादी 17.70 फीसदी है। अब इसी वोटबैंक को साधने में जेडीयू जुटी है।

राजद के वोटबैंक में सेंध लगाने की तैयारी

सभी पार्टियों को पता है कि बिहार में अति पिछड़ा, पिछड़ा और दलितों के बाद सबसे बड़ा वोट बैंक मुस्लिमों का है। नीतीश कुमार द्वारा बुलाए गए इस बैठक का मकसद सरकार द्वारा मुस्लिमों के लिए कराए गए कामों को याद दिलाना था। ताकि वोट देते समय इन्हें याद रहे। वैसे बिहार में माना जाता है कि मुस्लिम-यादव वोट बैंक पर आरजेडी यानी लालू यादव की पार्टी का कब्जा है। लेकिन अब जदयू ने इस वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, ऐसे में महागठबंधन में मुस्लिम वोटों को लेकर पूरी तरह से कॉन्फिडेंस है, लेकिन ओवैसी उसमें सेंधमारी के लिए हरसंभव कोशिश में जुटे हैं. ऐसे में औवैसी मुस्लिमों को एक सियासी विकल्प देने का दावा करते हैं और उनके जुड़े मुद्दो को धार देने के साथ-साथ उनके प्रतिनिधित्व को उठा सकते हैं.

पटना से मोहम्मद गयासुद्दीन उर्फ रिंकू की रिपोर्ट 

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