अल्पसंख्यक उद्यमी योजना के लिए चुने गये 1247 लाभुक

पटना: मुख्यमंत्री योजना पूरे देश में अपने आप में अनोखी और अतिविशिष्ट योजना है जिसके तहत अनुदान के साथ-साथ लोन भी सरकार द्वारा दिया जाता है। वर्ष 2023-24 के लिए आठ हजार नये उद्यमियों का चयन मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अतिपिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत अक्टूबर महीने में किया गया। इस योजना के पाँचवें घटक के रूप में मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना की शुरूआत वर्ष 2023 से की गई जिसके तहत 05 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2023 तक आवेदन आमंत्रित किये गये। प्राप्त आवेदनों में से नये लाभुकों का चयन कम्प्यूटरीकृत रेंडमाईजेशन पद्धति से किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से ग्रास रूट पर परिवर्तन दिख रहा है। हर जिले में सैंकड़ो नये उद्यमी तैयार हुए हैं जो अपने माल की बिक्री केवल बिहार राज्य में कर रहे हैं बल्कि बिहार राज्य से बाहर भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता के बिहार को उद्यमी बिहार बनाना है और इसके लिए हम सबकों मिल कर प्रयास करना है। समाज के हर वर्ग को जोड़ना है। दोनों विभाग के सम्मिलित प्रयास से मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना का क्रियान्वयन शान्दार तरीके से होगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मो0 जमा खान ने अल्पसंख्यक उद्यमी योजना चालू करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि पहले अल्पसंख्यकों को उद्योग लगाने के लिए पाँच लाख रूपये तक की सहायता मिलती थी लेकिन मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना चालू हो जाने के साथ ही हर उद्यमी को 10 लाख तक की सहायता मिलेगी जिसमें 05 लाख रूपये अनुदान और 05 लाख रूपये ऋण के रूप में होगा। ऋण की राशि को 84 बराबर किस्तों में वापस करना है और इस पर किसी प्रकार का ब्याज देय नहीं है।

इससे पहले योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उद्योग विभाग अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के विभिन्न घटकों के लाभुक बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं। नवचयनित लाभुकांे का प्रशिक्षण राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों में कराया जाएगा और उनकी नियमित हैण्डहोल्डिंग की जाएगी। योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप 1247 आवेदकों का औपबंधिक रूप से चयन किया गया। जिसमें दिव्यांग जनों को 3 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण भी दिया गया। चयन प्रक्रिया के दौरान उद्योग निदेशक पंकज दीक्षित, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, विशेष सचिव दिलीप कुमार, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डाॅ0 राणा सिंह तथा मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के चयन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

पटना से विवेक कुमार यादव की रिपोर्ट 

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