265_रुपए_से_करोड़पति_बनने_तक_का_सफरत स्वीरों में जो साथ नजर आ रहे हैं उनका नाम है ऋषि सिंह

पटना: बिहार के जमुई जिले के रहने वाले आज से 15 साल पहले महज 265 रुपए का जुगाड़ कर रोजी रोजगार की तलाश में दिल्ली की तरफ ट्रेन की सामान्य बोगी में धक्का खाते पहुंचे थे बिहार के आम युवाओं की तरह स्नातक तक की डिग्री प्राप्त की थी कई सारे सपने थे। माता-पिता के अरमान थे बहन के हाथ पीले करने का सपना था ढहे घर को पक्का मकान बनाने का इरादा था छोटे भाइयों के पढ़ाई बेहतर कैसे हो इसकी चिंता थी दर्द तो ऋषि का था पर इसमें पूरा बिहार का वह युवा समाहित था जिसके साथ आमतौर पर इतने सारे जिम्मेवारियों के बोझ जवान होते-होते कंधे पर आ ही जाते हैं। घर का बड़ा बेटा सिर्फ बड़ा बेटा नहीं होता वह पूरे घर का सपना अपने आंखों में लेकर कमाने निकलता है। उम्र से पहले ही परिपक्व हो जाता है हालातो से समझौता करने लगता है दिन-रात हर तोड़ मेहनत करता है उसकी आंखों में पलते हैं बूढ़े माता-पिता के सपने जवान हो चुकी बहन की शादी का दर्द छोटे भाई बहनों के पढ़ाई की चिंता घर परिवार पर चढ़ चुके कर्ज का बोझ उतारने की जिम्मेवारी। इतने सारे बोझ को लेकर वह दिल्ली पंजाब महाराष्ट्र देश के किसी भी प्रांत में दिन-रात मेहनत मजदूरी करता है

 

आधा पेट खाता है बीमार पड़ता है तो घर वाले को नहीं बताता है फुटपाथ पर सो जाता है ओवर टाइम करके पैसे बचाता है। ऋषि सिंह की कहानी भी ऐसे ही हालातो में शुरू हुई थी दिल्ली में कोई जानने पहचानने वाला नहीं था शुरुआती दौर में कई कार्यालय में नौकरी मांगने गए धक्के खाया इसी दौरान एक बात समझ में आया कि अब नौकरी मांगने वाला नहीं नौकरी देने वाला बनना है। पास में पैसे नहीं थे पर हौसला था और शुरू हो गया रियल स्टेट के क्षेत्र में एक एजेंट के रूप में काम करने की अपनी पहचान बनाने की ललक। सफर सुनने से शुरू हुआ और शिखर की तरफ बढ़ने लगा इस दौरान उन्होंने इंदु मां ग्रुप के नाम से अपनी कंपनी बनाई बड़े रियल एस्टेट कंपनियों से संपर्क किया और फिर कारवां आगे बढ़ता चला गया आज ऋषि सिंह एक बड़े मुकाम पर है रियल एस्टेट व्यवसाय में और लगभग अपने साथ के 400 से ज्यादा युवाओं को इस अभियान से जोड़कर करोड़पति बनाया है। ग्रेटर नोएडा में चल रहे सबसे बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट पाम ओलंपिया फेज 2 के मार्केटिंग की पूरी जिम्मेवारी उनकी कंपनी संभाल रही है। ग्रेटर नोएडा में ऋषि सिंह ने 4000 से ज्यादा बिहार के लोगों को रियल एस्टेट के क्षेत्र में निवेश करवाया है। ऋषि कहते हैं कि जीवन में कुछ भी संभव नहीं है जहां से अपने शुरुआत कर दी वहीं से मुकाम मिलना शुरू हो जाता है शुरुआती दिनों में असफलताएं मिलती है लोग हंसी उड़ाते हैं कभी-कभी लगता है कि सब कुछ समाप्त हो गया पर हर रात के बाद सुनहरी सुबह होती है।

पटना से विवेक यादव की रिपोर्ट 

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