पातेपुर अग्निशमन विभाग के द्वारा दीपावली एवम छठ पूजा के सुअवसर पर पटाखों से लगने वाली आग से बचाव हेतु सुरक्षा उपायों को बताया गया

वैशाली:  जिले के पातेपुर में अग्निशमन विभाग द्वारा दीपावली एवम छठ पूजा के सुअवसर पर पटाखों से लगने वाली आग से बचाव एवम सावधानियां के बारे में विभिन्न पटाखा विक्रेताओं,आदि जगहों पर जाकर बताया एवम समझाया गया। इस दौरान अग्निशमन अधिकारी ओंकारनाथ सिंह ने बताया कि दीपावली एवम छठ पूजा के समय पटाखों से आग लगने की घटना में वृद्धि होती हैं। पटाखों की दुकानों को कैसे सुरक्षित रखें और,क्या-क्या सुरक्षा एवं सावधानियां बरतें इसके बारे में पटाखा विक्रेताओं को जानकारी दी गई।उन्होंने पटाखा विक्रेताओं को पटाखा भंडारण के स्थान पर फायर एक्सटिंगुशर, पानी भरा बाल्टी, आदि रखने का निर्देश भी दिया।आप निम्नांकित सुरक्षा उपायों एवम सावधानियों को इस पर्व के दौरान अवश्य अपनाएं।

क्या करें:-

बच्चो द्वारा पटाखा जलाने के समय घर का कोई व्यस्क सदस्य वहां उपस्थित रहे और अपने निगरानी में पटाखा फोड़वाएं। बच्चो के अभिभावक अपने बच्चों को तंग गली या घरों के अंदर में पटाखा न छोड़ने दें बल्कि खुले स्थान में इसे छोड़े। आतिशबाजी का प्रयोग करने से पहले उसपर लिखे सुरक्षा संबंधी जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़े एवम पालन करें। आतिशबाजी करते समय आस-पास बाल्टी में पानी अवश्य रखें। घी एवं तेल के दीपक कभी कपड़े अथवा ज्वलनशील पदार्थ के नजदीक न जलाएं। हमेशा ऐसे दीपक को अपने देखरेख में रखें। अग्नि सुरक्षा पर तकनीकी सलाह लेने हेतु अपने नजदीकी अग्निशामालय पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। बिहार अग्निशमन सेवा सभी जिलों तथा अनुमंडल में कार्यरत हैं।किसी भी प्रकार के अग्नि घटना होने पर अग्निशमन सेवा का।आपातकालीन दूरभाष संख्या-101/112 या पुलिस कंट्रोल रूम का आपातकालीन का नंबर जिला नियंत्रण कक्ष या अनुमंडल कार्यालय का कंट्रोल रूम स्थानीय पुलिस थाना को दूरभाष से सूचित करना चाहिए। ताकि स्थानीय अग्निशामालय पदाधिकारी आपकी मदद त्वरित गति से कर सके।

क्या न करें:

घर में अधिक मात्रा में पटाखा का भंडारण न करें। घर के अंदर कभी पटाखा न चलाएं। दुकानों में पूजा-पाठ के पश्चात जलती हुई दीपक, अगरबत्ती अथवा मोमबत्ती जलाते हुए छोड़कर कभी न जाएं । पतले बिजली के तारों पर ज्यादा वोल्टेज के बल्ब नही जलाएं। अथवा उसे ओवरलोड नही करें। दो बिजली के तारों को जोड़ते समय उस पर टेप अवश्य लगाए। बिजली के सॉकेट में सीधे तार न घुसाए,इसमें हमेशा प्लग का उपयोग करें। ढीले या सिंथेटिक कपड़े पहनकर खुली लौ वाले दीए, मोमबत्ती या पटाखों के पास न जाएं। आतिशबाजी के समय शरीर के कपड़ों में आग लग जाएं तो, ऊनी कंबल या बोरी से लपेट कर एवम जमीन पर लेट कर आग बुझाने का प्रयास करें। आसमान तारा कभी-कभी दूसरे के घरों में प्रवेश कर आगजनी का कारण बनती हैं। अतः यथा संभव इससे परहेज करें।सजग रहें सुरक्षित रहें।
इस दौरान अग्निशमन कर्मियों में दीप नारायण राय, ललन सिंह, टुन्ना कुमार गुप्ता आदि मौजूद थे।

वैशाली से मृत्युंजय कुमार की रिपोर्ट

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