AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान को मिली जान से मारने की धमकी, अब तक आरोपी की नहीं हुई गिरफ्तारी, नीतीश कुमार की बेहतर क़ानून-व्यवस्था पर उठ रही सवाल,

पटना: बिहार में अपराधी बेखौफ़ हो चुके हैं, आम आदमी के साथ तो वारदात हो ही रही है, वहीं अब राजनेता भी बदमाशों के निशाने पर आ गए हैं। अमौर विधान सभा क्षेत्र से विधायक सह (एआईएमआईएम) प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और आईएमआईएम युवा प्रवक्ता आदिल हसन को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पिछले दिनों सिवान में AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी) के युवा नेता की गोली मारी गई है। बता दे की बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष का फेसबुक आईडी भी हैक हुआ था और अब ट्विटर एक्स पर विधायक सहित प्रवक्ता आदिल हसन को जान से मारने की धमकी मिली है, श्री ईमान ने एक प्रेस वार्ता में कहा की पिछले कुछ दिनों ट्वीटर एक्स पर अमर यादव नाम के अकाउंट से टैग करते हुए धमकी दी गई है। मुझे आतंकी संगठनों से जोड़ते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है, उसके बाद एक बार फिर वही आदमी बेहिचक मुझे और आदिल हसन को जान मारने धमकी दे रही है, मैं विगत तीन दशक से बिहार की राजनितिक में सक्रिय हूं. चौथी बार अमौर विधान सभा से विधायक बना हूं. विगत लोकसभा चुनाव में किशनगंज लोकसभा से लगभग तीन लाख मत प्राप्त किया है. मैं अपने विधान सभा एवं लोक सभा क्षेत्र के साथ साथ पूरे बिहार एवं अन्य राज्यों में अपनी पार्टी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रहता हूं.मैं गरीब असहाय लाचार लोगों की आवाज उठाता हूं, बिहार में विपक्ष का भूमिका निभा रहा हूं ,पिछले दिनों सिवान में हमारे पार्टी के युवा नेता की गोली मारी गई है। क्या वजह है इस माइनॉरिटी लोग मजबूत होते हैं तो अनहोनी की घंटियां बजने लगती है, क्या हमें अधिकार नहीं है की अपनी बातों को मजबूती से रखें, इस धमकी से मैं काफी आहत होने के साथ-साथ हम दोनों भय महसूस कर रहा हूं.श्री ईमान ने कहा की मेरी लोकप्रियता से घबडा कर कुछ लोग इस तरह का कार्य कर रहे है। वही उन्होंने कहा की किशनगंज पुलिस अधीक्षक और पूर्णिया पुलिस को मामले से अवगत करवाया गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई‌ है, उन्होंने कहा इस मामले को लेकर हम विधानसभा अध्यक्ष और डीजीपी बिहार को आज लिखित में आवेदन दिया है, श्री ईमान ने कहा की इस मामलों के पीछे जो भी व्यक्ति है उनकी अभिलंब गिरफ्तारी की जाय, साथ ही उन्होंने बिहार सरकार की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठा दिए हैं उन्होंने कहा की बिहार सरकार दावा कर रही है बिहार में साइबर पुलिस अच्छे से कम कर रही हैं, लेकिन अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई, हम जैसे व्यक्ति के साथ इस तरह से किया जा रहा है, तो आम लोगों को किस तरह से बिहार पुलिस न्याय दिलाता होगा यह सोचनीय बिंदु है,‌ बिहार में जंगलराज से भी बुरा हाल है. आरजेडी-जेडीयू के सुशासन में कुशासन है. बहरहाल फिलहाल इस मुद्दे पर सियासत तेज़ है,लेकिन बेहतर क़ानून-व्यवस्था के नाम पर सत्ता में आए नीतीश कुमार के लिए ये घटनाएं परेशान करने वाली हैं. जिसका जवाब देना उनके और उनकी पार्टी के लिए मुश्किल हो रहा है.

पटना से मोहम्मद गयासुद्दीन उर्फ रिंकू की रिपोर्ट 

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