उर्दू सिर्फ एक समुदाय नहीं, बल्कि सभी लोगों की भाषा है :डीएम कौशल कुमार 

सुपौल: समाहरणालय सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार एवं जिला प्रशासन सुपौल के संयुक्त तत्वावधान आयोजित जिला स्तरीय उर्दू सेमिनार व मुशायरा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उक्त बातें जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने कही उन्होंने कहा कि उर्दू किसी काम की भाषा नहीं बल्कि सबको साथ जोड़ने वाली भाषा है आधुनिकता के इस समय में हम विभिन्न भाषाओं का ज्ञान अर्जित कर रहे हैं परंतु हमें विरासत में मिली भाषा को साथ लेकर चलना है।    पुलिस अधीक्षक शैशव यादव ने कहा कि उर्दू किसी कौम की भाषा नहीं बल्कि हिंदुस्तान की भाषा है और उर्दू के कारण ही भारत में गंगा जमुना तहजीब को मजबूती मिली है।

जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक एवं अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई साथ ही उर्दू भाषा कोषांग द्वारा “जिला उर्दू नामा” नाम की स्मारिका का विमोचन उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में अपर सामान्य आपदा प्रबंधन मुस्तकीम आलम ने कहा बात करने का हंसी तौर-तरीका सीखा हमने उर्दू के बहाने से सलीका सीखा से अपने बातों की शुरुआत करते हुए कहा कि उर्दू सिर्फ एक जुबान ही नहीं बल्कि तहजीब है और इस तहजीब के लोग इतने दीवाने है कि कई क्षेत्रों में उर्दू के बिना काम नहीं हो सकता, उन्होंने उर्दू भाषा को रोजगारपरक बताते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा उर्दू शिक्षकों एवं उर्दू अनुवादकों की बड़े पैमाने पर बहाली कर उर्दू भाषा से शिक्षा प्राप्त करने वालों को रोजगार प्रदान किया है,आयोजित कार्यक्रम में मदरसा एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा बिहार गीत एवं अन्य प्रस्तुति दी गई तथा सेमिनार में उर्दू भाषी विद्वानों द्वारा आलेख प्रस्तुत किया गया साथ ही जिलेभर के दो दर्जन शायरों ने अपनी प्रस्तुति से बेहतरीन समा बांधा ,कार्यक्रम में अंजुमन उर्दू तरक्की बिहार के महासचिव कारी रिजवान अहमद, दानिश वकार, मोहम्मद सलाउद्दीन, जिला उर्दू भाषा कोषांग के नावेद अकरम, मोहम्मद फखरुद्दीन जमाल हैदर, मोहम्मद जमालुद्दीन हाफिज नसीम इकबाल, निहाल नदवी प्रोफेसर नूरजहां, प्रोफेसर मुकीम अहमद खान,शायर कैसर राणा, बशारत करीम, बेगाना सारंगी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद बदीउज्जमा ने किया ।

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